साडा वीर न्यूट्रीकेयर बायो सांइस का जैविक उपज वृद्धिकार विशिष्ट उत्पाद है। इसमें पौधे की वृद्धि के आवश्यक अधिकांश पोषक तत्व प्राकृतिक अवस्था में उपलब्ध हैं। यह एक जैविक उत्पाद है। जिसका पर्यावरण पर कोई हानिकारक प्रभाव नहीं है। इसका उपयोग सभी अनाजों, दहलहनों, गन्ना, सब्जियों, फल व फूलों की फसलों में लिए समान रूप से कर सकते हैं।
उपयोग : इसका उपयोग फसल की बुवाई से लेकर फसल के पकरने से पहले तक कभी कर सकते हैं। इसका फसल की भिन्न-भिन्न अवस्थाओं के दौरान प्रयोग करने से निम्न परिणाम प्राप्त होते हैं।
बीज उपचार
बुवाई के लिए बीजों को इसके दो प्रतिशत घोल में उपचारित करके बोने से बीजों के अंकुरण की क्षमता बढ़ जाती है तथा अंकुर मजबूत होकर निकलता है। जिससे पौधे को प्रारम्भ से ही मजबूती प्राप्त होती है।
बुवाई के समय:
बुवाई के समय बीज व खाद में मिलाकर बोने से भी अंकरण में बेहतर परिणाम मिलते हैं तथा पौधा प्रारम्भ से ही मजबूत होकर चलता है। जड़ों की संख्या में वृद्धि होती है तथा मिट्टी में नमो अधिक समय तक बनी रहती है।
किल्ले निकलते समय :
किल्ले निकलते समय में था, धान, गेहूँ, गन्ना इत्यादि की फसलो में पर्णीय छिड़काव (स्प्रे) करने से किल्ले अधिक संख्या में तथा मजबूत होकर निकलते हैं। इस समय इसे यूरिया में मिलाकर भी प्रयोग कर सकते हैं।
फूल व फलों के आने से पहले फलों व सब्जियों जैसे तरबूज, खरबूज, बैंगन, शिमला मिर्च, पपीना, सेब, आम इत्यादि में फूल आने से पहले व फलत होते समय छिड़काव करने से फूलों की संख्या में वृद्धि होती है। फूल आकार व वजन में बड़े व चमकदार पैदा होते हैं तथा समय पूर्व गिरते नहीं है।
उपयोग विधि व मात्रा :
मिट्टी में (Soil Application) साडा वीर को मिट्टी या रेत में मिलाकर व कभी भी यूरिया व एन.पी.के. में मिलाकर भी प्रयोग कर सकते हैं। इसको मिलाने से यूरिया की मात्रा 25 प्रतिशत व एन.पी.के. की मात्रा 10 प्रतिशत तक कम की जा सकती है। मात्रा-1/2 कि.ग्रा. से 2 कि.ग्रा. तक प्रति एकड, 500 ग्राम अर्थात एक पैकिट साडावीर को एक कप पानी 150मिली. में घोल लें उसके पश्चात यूरिया, मिट्टी या अन्य उर्वरकों जैसे एन.पी.के. में अच्छी प्रकार लेपन कर प्रयोग करें।
सिंचाई के साथ : यदि सिंचाई ड्रिप द्वारा या स्प्रिंकलर द्वारा की जा रही है तब साडावीर को उसके टैंक में मिलाकर प्रयोग किया सकता मात्रा-1/2 कि.ग्रा. से 2 कि.ग्रा. तक प्रति एकड़
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sadaveer
26 May 2026